गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में कल एक हृदय विदारक और भीषण दुर्घटना घटी। यहां धुनवा रोड स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आग आसपास के क्षेत्र में फैल गई। इस दुर्घटना में 21 लोगों की जान चली गई। वहीं, 6 से 7 लोग अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। मृतकों में 3-4 नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। फैक्ट्री में सुबह विस्फोट हुआ, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद शाम तक मरने वालों की संख्या 21 पहुंच गई।
मारे गए लोगों में 3-4 नाबालिग भी शामिल हैं
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पाया कि इस फैक्ट्री में बिना लाइसेंस के पटाखे बनाए जा रहे थे। इसके अलावा यहां नाबालिगों से बाल श्रम भी कराया जाता था। पुलिस ने पटाखा फैक्ट्री के मालिक दीपक सिंधी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। इस दुर्घटना में मरने वाले अधिकतर लोग छत के अचानक ढह जाने और मलबे के नीचे दबने से मारे गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह बड़ा हादसा एक पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से हुआ। जिन 21 लोगों की जान गई है, उनमें से 18 मजदूर मध्य प्रदेश के हैं, जिनमें 8 हरदाना और 6 देवास के हैं। इसके अलावा मृतकों में 3-4 नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं।
जांच के लिए एसआईटी का गठन
घटना की जांच के लिए पांच पुलिस अधिकारियों की एक एसआईटी गठित की गई है, जिसमें एक डीएसपी के नेतृत्व में दो पुलिस निरीक्षक और दो पुलिस उपनिरीक्षक शामिल हैं। इस एसआईटी में डीएसपी सीएल सोलंकी, पीआई वीजी शामिल हैं। प्रजापति, पीआई ए.जी. रबारी, पीएसआई एस.बी. राजगोर और पीएसआई एनवी निवासियों को शामिल किया गया है। इस घटना के बाद फैक्ट्री मालिक दीपक सिंधी फरार हो गया। बनासकांठा में चेकपोस्ट स्थापित करने के बाद पुलिस ने उसे इदर के पास महाराणा प्रताप चौक से गिरफ्तार कर लिया।
सहायता राशि की घोषणा
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। इस पूरी घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि डीसा में पटाखा गोदाम में स्लैब गिरने से हुए विस्फोट और आग में श्रमिकों की मौत की घटना हृदय विदारक है। इस दुःख की घड़ी में उनकी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं। इस बीच, पीएमओ ने भी इस पूरी त्रासदी को लेकर मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। इसके अतिरिक्त, मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की गई।
आगे की कार्रवाई
इस दुर्घटना के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्रियों की जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि लापरवाही और अवैध गतिविधियों के कारण कितनी बड़ी जानहानि हो सकती है। प्रशासन और नागरिकों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।