महाराष्ट्र की राजनीति में आगामी 29 महानगरपालिकाओं (Municipal Corporations) के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने अपनी चुनावी बिसात बिछाते हुए गुरुवार को 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे द्वारा जारी की गई यह लिस्ट न केवल पार्टी की रणनीति को दर्शाती है, बल्कि महायुति गठबंधन के भीतर जारी आंतरिक खींचतान की ओर भी संकेत करती है।
स्टार प्रचारकों की सूची: दिग्गजों और युवाओं का मेल
NCP की इस लिस्ट में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ ग्लैम़र और युवा जोश का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
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प्रमुख नाम: लिस्ट में सबसे ऊपर स्वयं अजित पवार का नाम है, उनके बाद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे कमान संभालेंगे।
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मंत्रिमंडल का चेहरा: हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, नरहरि ज़िरवाल और अदिति तटकरे जैसे कद्दावर मंत्रियों को मैदान में उतारा गया है।
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युवा और चर्चित चेहरे: पार्टी ने जीशान सिद्दीकी, सना मलिक, अमोल मिटकरी और रूपाली चाकणकर जैसे मुखर नेताओं को शामिल किया है। साथ ही, फिल्म जगत से सायली शिंदे को भी स्टार प्रचारक बनाया गया है ताकि मतदाताओं को आकर्षित किया जा सके।
भुजबल और वलसे पाटिल का नाम गायब: सियासी हलचल
इस सूची की सबसे चौंकाने वाली बात वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल के नामों का गायब होना है। पार्टी के इन दो दिग्गज स्तंभों का स्टार प्रचारकों की लिस्ट में न होना कई सवाल खड़े करता है। राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के भीतर चल रहे 'पावर गेम' या इन नेताओं की संभावित नाराजगी के रूप में देख रहे हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
गठबंधन या अकेले? NCP की दोहरी रणनीति
अजित पवार की NCP वर्तमान में महायुति (BJP और शिवसेना-शिंदे गुट) का हिस्सा है, लेकिन महानगरपालिका चुनावों में गठबंधन के स्वरूप को लेकर अभी भी संशय बरकरार है।
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BMC और ठाणे का पेंच: पार्टी मुंबई (BMC) और ठाणे नगर निकाय में महायुति के साथ मिलकर लड़ना चाहती है, बशर्ते उसे सम्मानजनक सीटें मिलें।
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अकेले लड़ने की तैयारी: पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि गठबंधन में उचित हिस्सा नहीं मिला, तो NCP स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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दोस्ताना संघर्ष: पुणे और पिंपरी चिंचवड़ जैसे क्षेत्रों में, जहाँ NCP का मजबूत आधार है, वहां BJP के साथ 'फ्रेंडली फाइट' (दोस्ताना मुकाबला) होने के संकेत मिल रहे हैं।
सुनील तटकरे का बयान
प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया कि महायुति के भीतर सीटों के बंटवारे पर चर्चा जारी है। उन्होंने कहा, "राजनीतिक स्थिति हर महानगरपालिका में अलग-अलग होती है। हम महायुति के रूप में लड़ने के इच्छुक हैं, लेकिन पार्टी के विस्तार और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ध्यान रखना भी हमारी प्राथमिकता है।"