महाराष्ट्र में आगामी जनवरी माह में होने वाले बीएमसी (BMC) और अन्य नगरपालिकाओं के चुनावों ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। इसी गहमागहमी के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के दिग्गज नेता और दिवंगत बीजेपी नेता प्रमोद महाजन के बड़े भाई प्रकाश महाजन के शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में तूफान ला दिया है।
प्रकाश महाजन का संभावित दलबदल: राज ठाकरे को बड़ा झटका
सूत्रों के अनुसार, प्रकाश महाजन ने हाल ही में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वे आज ही औपचारिक रूप से ठाणे में शिवसेना की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। प्रकाश महाजन जैसे अनुभवी और प्रखर वक्ता का पार्टी छोड़ना राज ठाकरे के लिए एक बड़ा व्यक्तिगत और रणनीतिक झटका माना जा रहा है।
-
मराठवाड़ा में मजबूती: यदि प्रकाश महाजन शिवसेना में शामिल होते हैं, तो मराठवाड़ा क्षेत्र में एकनाथ शिंदे की पार्टी को जबरदस्त मजबूती मिलेगी।
-
संगठनात्मक पद: राजनीतिक विशेषज्ञों की नजर इस बात पर टिकी है कि शिंदे गुट में उन्हें कौन सा महत्वपूर्ण पद या जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
मनसे का बदलता स्वरूप और 'ठाकरे' भाइयों का मिलाप
राज ठाकरे की मनसे पिछले कुछ समय से अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। हालिया विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार ने पार्टी के भीतर और बाहर कई सवाल खड़े कर दिए थे। इन्ही चुनौतियों का सामना करने के लिए राज ठाकरे ने एक ऐतिहासिक और अप्रत्याशित कदम उठाया है:
उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन: दशकों पुरानी दुश्मनी और राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखते हुए, राज ठाकरे ने इस बुधवार को अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे (शिवसेना UBT) के साथ गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया। यह कदम महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ा मोड़ है, क्योंकि 2005 में शिवसेना छोड़ने के बाद राज ठाकरे ने हमेशा उद्धव की कार्यशैली का विरोध किया था।
बीएमसी चुनाव: 'करो या मरो' की स्थिति
मनसे के लिए आगामी बीएमसी चुनाव केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि अपनी प्रासंगिकता बचाने का आखिरी मौका है।
-
गठबंधन की मजबूरी: अकेले चुनाव लड़ने पर वोट कटने और हारने के डर से दोनों ठाकरे भाइयों ने एकजुट होने का फैसला लिया है।
-
मराठी मानुस और हिंदुत्व: दोनों दल एक ही जनाधार (वोट बैंक) पर दावा करते हैं। साथ आने से वे शिंदे-बीजेपी गठबंधन को कड़ी टक्कर देने की उम्मीद कर रहे हैं।