कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। नेशनल हाईवे-48 पर बुधवार की देर रात एक भीषण सड़क हादसे में 9 यात्रियों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। एक तेज रफ्तार ट्रक और प्राइवेट स्लीपर बस के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस देखते ही देखते आग का गोला बन गई और यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
यहाँ इस दर्दनाक हादसे और इसके बाद की स्थिति पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट है:
चित्रदुर्ग रेल हादसा: जब चीख-पुकार के बीच 'यमराज' बन गई बस
हादसा चित्रदुर्ग जिले के गोरलाथु क्रॉस के पास नेशनल हाईवे-48 पर हुआ। जानकारी के मुताबिक, एक निजी स्लीपर बस बेंगलुरु से गोकर्ण की ओर जा रही थी, जबकि एक ट्रक हीरियूर से बेंगलुरु की तरफ आ रहा था। अचानक ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर लांघ गया और सामने से आ रही बस को जोरदार टक्कर मार दी।
1. धू-धू कर जल उठी बस: मौत का तांडव
टक्कर लगते ही बस के डीजल टैंक या स्लीपर केबिन के किसी हिस्से में आग लग गई। चश्मदीदों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि बस के भीतर फंसे यात्रियों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। बस में कुल 29 यात्री सवार थे, जिनमें 15 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल थे। 9 यात्रियों की बस के भीतर ही जिंदा जल जाने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य बुरी तरह झुलस गए।
2. बचाव और हताहतों का विवरण
हादसे के समय बस की कुल 32 सीटों में से अधिकांश भरी हुई थीं।
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बचने वाले: बस ड्राइवर, कंडक्टर और कुछ यात्रियों ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई।
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मृतक: मरने वालों में ट्रक ड्राइवर कुलदीप और उसका क्लीनर भी शामिल हैं। शेष मृतक बस के यात्री थे, जिनकी पहचान करने में पुलिस को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि शव बुरी तरह जल चुके हैं।
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गंभीर घायल: बेंगलुरु के गगन श्री-रश्मि और गोकर्ण की रक्षिता जैसे यात्रियों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। घायलों को तुमकुरु जिले के शिरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
3. बाल-बाल बचे 45 स्कूली बच्चे
इस भीषण त्रासदी के बीच एक राहत की खबर यह रही कि हादसे के समय इस बस के ठीक पीछे स्कूली बच्चों से भरी एक दूसरी बस चल रही थी। उस बस में 45 बच्चे सवार थे। अगर समय रहते ड्राइवर ने ब्रेक न लगाए होते, तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।
4. हाईवे पर अफरा-तफरी और 30 KM लंबा जाम
हादसे के बाद नेशनल हाईवे-48 पर कोहराम मच गया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि स्थानीय लोग चाहकर भी बस के पास नहीं जा सके। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दुर्घटना के कारण हाईवे पर करीब 30 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसे खुलवाने में प्रशासन को घंटों कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
5. पुलिस की जांच और प्रशासन का बयान
ईस्ट जोन के आईजीपी (IGP) रविकांत गौड़ा ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में ट्रक ड्राइवर की गलती सामने आ रही है, जिसने डिवाइडर पार कर दूसरी तरफ से आ रही बस को टक्कर मारी। हीरियूर ग्रामीण पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है।