भारतीय क्रिकेट के वर्तमान परिदृश्य में जब हम भविष्य के सुपरस्टार्स की चर्चा करते हैं, तो शुभमन गिल और ईशान किशन के नाम सबसे ऊपर आते हैं। ये दोनों केवल खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय बल्लेबाजी की उस नई पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं जो निडर होकर खेलना जानती है। टी20 इंटरनेशनल में इन दोनों ही युवाओं ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जहाँ एक ओर गिल अपनी क्लास और तकनीक के लिए जाने जाते हैं, वहीं ईशान अपनी कड़क बल्लेबाजी और आक्रामकता के लिए मशहूर हैं।
आइए, आंकड़ों के तराजू पर इन दोनों युवा सितारों के प्रदर्शन को तौलते हैं:
शुभमन गिल: भरोसेमंद 'प्रिंस'
शुभमन गिल ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को एक लंबी पारी खेलने वाले बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया है। उनके आंकड़े उनकी निरंतरता की गवाही देते हैं:
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मैच और रन: गिल ने अब तक 36 मैचों की 36 पारियों में 869 रन बनाए हैं।
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सर्वोच्च स्कोर: उनका नाबाद 126 रन का स्कोर यह दर्शाता है कि एक बार सेट होने के बाद वे विपक्षी टीम को मैच से बाहर करने की क्षमता रखते हैं।
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औसत और स्ट्राइक रेट: 28.03 का औसत और 138.59 का स्ट्राइक रेट एक सलामी बल्लेबाज के तौर पर काफी प्रभावशाली है।
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बाउंड्री: उन्होंने अब तक 98 चौके और 26 छक्के जड़े हैं, जो उनके गैप ढूंढने के कौशल को दिखाते हैं।
ईशान किशन: पॉकेट डायनामाइट
ईशान किशन का खेल आक्रामकता की नींव पर टिका है। एक बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के नाते वे टीम को एक अलग विकल्प प्रदान करते हैं:
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मैच और रन: ईशान ने 32 मैचों में 796 रन बनाए हैं।
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अर्धशतक: भले ही ईशान के नाम शतक न हो, लेकिन उनके 6 अर्धशतक यह बताते हैं कि वे गिल (3 अर्धशतक) की तुलना में जल्दी और अधिक बार 50 के आंकड़े तक पहुँचते हैं।
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छक्कों की ताकत: ईशान ने गिल से कम मैच खेलकर भी 36 छक्के लगाए हैं, जो उनकी पावर-हिटिंग क्षमता को प्रमाणित करता है।
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औसत और स्ट्राइक रेट: उनका औसत 25.67 और स्ट्राइक रेट 124.37 का रहा है।
मैदान पर प्रभाव: फील्डिंग और भूमिका
फील्डिंग के मोर्चे पर ईशान किशन थोड़े भारी पड़ते हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज होने के कारण उनकी चपलता मैदान पर साफ दिखती है, उन्होंने अब तक 13 कैच लपके हैं। दूसरी ओर, शुभमन गिल मुख्य रूप से स्लिप या बाउंड्री पर तैनात रहते हैं और उनके नाम 9 कैच दर्ज हैं। गिल की फील्डिंग में भी एक ठहराव और मजबूती है, जो टेस्ट और वनडे के साथ टी20 में भी काम आती है।
निष्कर्ष: कौन है 'एक्स-फैक्टर'?
अगर हम तकनीक, लंबी पारी खेलने की क्षमता और 'क्लास' को पैमाना मानें, तो शुभमन गिल बाजी मारते हुए नजर आते हैं। वे आधुनिक युग के ऐसे बल्लेबाज हैं जो क्रिकेटिंग शॉट्स खेलकर भी तेजी से रन बना सकते हैं।
वहीं, यदि आक्रामकता, निडरता और बाएं हाथ का विकल्प देखा जाए, तो ईशान किशन किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने के लिए तैयार रहते हैं। उनकी आक्रामक शुरुआत पावरप्ले में टीम इंडिया के लिए गेम-चेंजर साबित होती है।
अंततः, भारतीय क्रिकेट के लिए यह सौभाग्य की बात है कि उसके पास ये दोनों ही रत्न मौजूद हैं। 2026 के टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर इन दोनों की जुगलबंदी या प्रतिस्पर्धा भारत को विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।