अमेरिका में जाने का सपना देख रहे 2,000 भारतीयों को तगड़ा झटका लगा है। अमेरिकी प्रशासन ने भारत में 2,000 वीजा नियुक्तियां रद्द करने का फैसला किया है। अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी साझा की।
बॉट्स के जरिए हुई सेंधमारी
अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, वीजा नियुक्ति प्रणाली में बड़े पैमाने पर बॉट्स के माध्यम से सेंधमारी की गई थी। इस कारण से, कई अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य धोखाधड़ी और अनियमितताओं को रोकना है। अमेरिकी प्रशासन ने यह कदम आव्रजन नियमों को कड़ा करने और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया है।
पहले भी सख्त रही हैं अमेरिकी नीतियां
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने वीजा आवेदनों पर कड़ा रुख अपनाया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भी सख्त आव्रजन और वीज़ा नीतियों को लागू किया गया था। हर साल लाखों भारतीय अमेरिका में रोजगार, शिक्षा और पर्यटन के लिए जाते हैं। हालांकि, इस तरह की सख्त नीतियों से अब यह प्रक्रिया और कठिन हो रही है।
एजेंटों और दलालों पर कसी गई नकेल
अमेरिकी दूतावास ने इस मामले में स्पष्ट रूप से कहा कि वे एजेंटों और फिक्सरों के प्रति 'शून्य सहिष्णुता' की नीति अपनाएंगे। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि हमारी टीम बॉट्स द्वारा की गई 2,000 वीजा नियुक्तियों को रद्द कर रही है। साथ ही, जो लोग हमारी शेड्यूलिंग नीतियों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन
इससे पहले, 27 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज की थी। शिकायत में पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के 30 से अधिक लोगों पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अमेरिकी वीजा प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि मई और अगस्त 2024 के बीच कुछ लोगों ने जाली दस्तावेजों के माध्यम से वीजा आवेदन किया था। अमेरिकी दूतावास ने पुलिस जांच के बाद ही यह कठोर कदम उठाया है।
प्रभावित आवेदकों के लिए क्या विकल्प हैं?
अब सवाल उठता है कि जिन 2,000 भारतीयों के वीजा आवेदन रद्द कर दिए गए हैं, उनके पास क्या विकल्प हैं? विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रभावित लोगों को नए सिरे से आवेदन करना होगा, जिसमें वे कानूनी और वैध दस्तावेजों का ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा, वीजा एजेंटों और दलालों से बचना बेहद जरूरी है। अमेरिकी दूतावास ने साफ किया है कि वे निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। इस फैसले के बाद भारत से अमेरिका जाने वाले आवेदकों के लिए वीजा प्रक्रिया और भी सख्त हो सकती है।
निष्कर्ष
अमेरिका का यह निर्णय भारतीयों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो नौकरी, पढ़ाई या पर्यटन के उद्देश्य से वहां जाना चाहते थे। अमेरिकी प्रशासन ने बॉट्स और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई वीजा नियुक्तियों को रद्द कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि भविष्य में इस प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाएगा।