इंडोनेशिया के सेंट्रल जावा प्रांत के सेमारंग (Semarang) शहर से एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। सोमवार, 22 दिसंबर 2025 की सुबह तड़के एक तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण हादसे ने अब तक 16 लोगों की जान ले ली है, जबकि 19 अन्य यात्री जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
यह हादसा उस समय हुआ जब पूरा शहर अभी जाग ही रहा था। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों के लिए यह एक बड़ी चुनौती साबित हुआ।
हादसे का घटनाक्रम: क्राप्याक टोल के पास मची चीख-पुकार
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक दुर्घटना सेमारंग के क्राप्याक टोल एग्जिट (Krapyak toll exit) के पास एक व्यस्त चौराहे पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस की रफ्तार बहुत अधिक थी। जैसे ही बस चौराहे के पास पहुँची, चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित बस सड़क किनारे लगे कंक्रीट और लोहे के सुरक्षा बैरियर से जोरदार तरीके से टकराई और फिर बीच सड़क पर ही पलट गई।
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और उसकी छत का हिस्सा पूरी तरह जमीन से दब गया, जिससे यात्रियों को निकलने का मौका ही नहीं मिला।
रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे में तब्दील हुई बस
सेमारंग सर्च एंड रेस्क्यू कार्यालय के प्रमुख बुडियोनो ने बताया कि बचाव अभियान बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण था। बस पलटने के कारण उसकी बॉडी बुरी तरह मुड़ गई थी, जिससे यात्री लोहे के हिस्सों के बीच फंस गए थे।
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मशीनों का उपयोग: रेस्क्यू टीम को हाइड्रोलिक कटर और भारी मशीनों का उपयोग करना पड़ा ताकि बस की बॉडी को काटकर अंदर फंसे लोगों को निकाला जा सके।
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बचाव में देरी: कांच के बिखरे टुकड़ों और नुकीले लोहे के कारण बचाव दल को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। मलबे से एक-एक कर शवों और घायलों को निकालने में कई घंटों का समय लगा।
घायलों की स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी शिन्हुआ (Xinhua) की रिपोर्ट के अनुसार, 19 घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए सेमारंग के नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि कई यात्रियों के सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार और ब्रेक फेलियर को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या चालक थका हुआ था या क्या वाहन में कोई तकनीकी खराबी पहले से मौजूद थी।
निष्कर्ष: सुरक्षा पर उठते सवाल
इंडोनेशिया में सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति पर यह हादसा एक बार फिर सवालिया निशान खड़े करता है। विशेषकर टोल एग्जिट और ढलान वाले रास्तों पर गति सीमा का पालन न करना अक्सर ऐसी तबाही का कारण बनता है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।