बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत ने न केवल देश की सड़कों पर आक्रोश पैदा किया है, बल्कि देश की सत्ता संरचना के भीतर एक बड़े भूचाल की ओर भी इशारा किया है। बांग्लादेश इंटेलिजेंस की एक हालिया और सनसनीखेज रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि हादी के जनाजे की आड़ में देश में एक और तख्तापलट (Coup) की साजिश रची जा रही है।
प्रस्तुत लेख में हम इंटेलिजेंस रिपोर्ट के प्रमुख बिंदुओं और बांग्लादेश के मौजूदा अस्थिर हालात का विश्लेषण करेंगे।
जनाजे की आड़ में 'क्रांतिकारी सरकार' बनाने की साजिश
इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रभावशाली समूह हादी के अंतिम संस्कार (शनिवार) का उपयोग एक हथियार के रूप में करने की योजना बना रहा है। साजिश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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भीड़ का एकत्रीकरण: पूरे देश से समर्थकों को ढाका में इकट्ठा किया जा रहा है ताकि भीड़ की ताकत का इस्तेमाल सत्ता पर काबिज होने के लिए किया जा सके।
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क्रांतिकारी सरकार: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह समूह मौजूदा अंतरिम सरकार को हटाकर एक 'क्रांतिकारी सरकार' घोषित करने की फिराक में है।
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हमलों की योजना: रणनीतिक प्रतिष्ठानों, सरकारी इमारतों और विदेशी दूतावासों (Diplomatic Enclaves) को निशाना बनाया जा सकता है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अराजकता का संदेश जाए।
डिसअपियरेंस कमीशन और नई जटिलताएं
इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने 'जबरन गुमशुदगी की जांच आयोग' (Disappearance Commission) को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई हैं। अगस्त 2024 में गठित इस आयोग का काम शेख हसीना सरकार के दौरान गायब हुए लोगों की जांच करना था। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार:
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सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाना: 30/31 दिसंबर के आसपास कई उच्च सैन्य अधिकारियों के नाम सार्वजनिक करके सेना के भीतर असंतोष और विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा सकती है।
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संदिग्धों की मौजूदगी: रिपोर्ट में खंदाकर रकीब नाम के एक व्यक्ति का जिक्र है, जो आयोग का सदस्य न होने के बावजूद संवेदनशील इंटरव्यू के दौरान मौजूद था और वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। यह स्पष्ट नहीं है कि वह किसकी अनुमति से और किस गुप्त एजेंडे के तहत वहां सक्रिय है।
"जघन्य अपराधों में शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में लाना जरूरी है, लेकिन यह प्रक्रिया देश की नाजुक राजनीतिक स्थिति को और अधिक अस्थिर करने वाली नहीं होनी चाहिए।" — इंटेलिजेंस रिपोर्ट का अंश
शरीफ उस्मान हादी: नायक से विवादित आइकन तक
'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता उस्मान हादी पर तब हमला हुआ जब वे एक रिक्शा में जा रहे थे और हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी। सिंगापुर में उनकी मौत के बाद अब उन्हें बांग्लादेश के राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की समाधि के पास दफनाया जाएगा। उन्हें यह सम्मान मिलना उनके समर्थकों के बीच उनकी बढ़ती लोकप्रियता और राजनीतिक कद को दर्शाता है, लेकिन यही लोकप्रियता अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का सबब बन गई है।
सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की चुनौतियां
ढाका यूनिवर्सिटी (DU) और इसके आसपास के इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इंटेलिजेंस इनपुट के बाद सुरक्षा बलों ने गश्त बढ़ा दी है।
निष्कर्ष: बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद उपजा यह संकट अब केवल एक छात्र आंदोलन नहीं रह गया है। यह देश की संप्रभुता और शासन व्यवस्था के लिए एक अस्तित्वगत खतरा बन गया है। यदि इंटेलिजेंस द्वारा बताई गई तख्तापलट की साजिश सफल होती है, तो बांग्लादेश एक लंबे और हिंसक गृहयुद्ध की ओर बढ़ सकता है।