मुंबई, 2 जनवरी, (न्यूज़ हेल्पलाइन) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में तहलका मचाने वाला चैटबॉट ChatGPT अब केवल एक सूचना देने वाला टूल नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही इसमें आपको विज्ञापन भी नजर आएंगे। OpenAI ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह ChatGPT के भीतर 'स्पॉन्सर्ड लिंक्स' (Sponsored Links) और विज्ञापनों का परीक्षण शुरू कर रहा है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- चैट के बीच में विज्ञापन: अब जब आप ChatGPT से कोई सवाल पूछेंगे या किसी उत्पाद के बारे में जानकारी मांगेंगे, तो जवाब के साथ ही संबंधित ब्रांड्स के विज्ञापन या लिंक्स भी दिखाई दे सकते हैं।
- प्रायोगिक शुरुआत: रिपोर्ट के अनुसार, इसकी शुरुआत सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में फ्री यूजर बेस के साथ की जा रही है। धीरे-धीरे इसे अन्य देशों और सब्सक्राइबर्स के लिए भी रोल आउट किया जा सकता है।
- कमाई का नया जरिया: OpenAI अभी तक मुख्य रूप से सब्सक्रिप्शन मॉडल (ChatGPT Plus) पर निर्भर था। अब कंपनी गूगल सर्च (Google Search) की तरह विज्ञापन मॉडल अपनाकर अपने राजस्व (Revenue) को बढ़ाना चाहती है।
- सर्च इंजन को टक्कर: हाल ही में OpenAI ने 'SearchGPT' लॉन्च किया है। विज्ञापनों के आने से यह स्पष्ट हो गया है कि कंपनी अब सीधे तौर पर गूगल के एडवरटाइजिंग मार्केट में सेंध लगाने की तैयारी में है।
यूजर्स पर क्या होगा असर?
यूजर्स के लिए इसका मतलब यह है कि एआई द्वारा दिए गए जवाबों में अब व्यावसायिक सुझाव भी शामिल होंगे। हालांकि, OpenAI का कहना है कि वे इस बात का ध्यान रखेंगे कि विज्ञापनों से यूजर के अनुभव (User Experience) में कोई बड़ी बाधा न आए और जवाबों की गुणवत्ता बनी रहे।
क्या डेटा सुरक्षित रहेगा?
विज्ञापनदाताओं को सीधे तौर पर यूजर की निजी चैट का एक्सेस नहीं दिया जाएगा, लेकिन विज्ञापनों को यूजर की पसंद और सर्च के आधार पर पर्सनलाइज्ड किया जा सकता है।
यह बदलाव दर्शाता है कि कैसे AI कंपनियां अब अपने भारी-भरकम कंप्यूटिंग खर्च को निकालने के लिए मुफ्त सेवाओं को विज्ञापनों के जरिए भुनाने की कोशिश कर रही हैं।